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तेजबहादà¥à¤° सिंह – ये लेखक के बड़े à¤à¤¾à¤ˆ है ये आरà¥à¤¥à¤¿à¤• तंगी के दिनों में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤› रूपये à¤à¥‡à¤œà¤•र उनका सहयोग करते है I
कवि नरेनà¥à¤¦à¥à¤° शरà¥à¤®à¤¾ – कवि नरेनà¥à¤¦à¥à¤° शरà¥à¤®à¤¾ लेखक के मितà¥à¤° है à¤à¤• दिन वे लेखक के लिठबचà¥à¤¹à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥‚डियो में आये थे छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ होने के कारण लेखक नही मिल सके थे तब वे उनके नाम à¤à¤• बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ à¤"र पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤• नोट छोड़ गठथे I
शारदाचरण उकील – ये कला शिकà¥à¤·à¤• है इनसे लेखक ने पेंटिग की शिकà¥à¤·à¤¾ ली थी I
बचà¥à¤šà¤¨ के पिता – जब लेखक इलाहाबाद में आकर बस गया था उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤• की आवशà¥à¤¯à¤•ता है तब हरिवशराय बचà¥à¤šà¤¨ के पिता ने उनका अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤• बनà¥à¤¨à¤¾ सà¥à¤µà¥€à¤•ार किया था I
सà¥à¤®à¤¿à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤¨à¤‚दन पंत – हिंदी के सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ कवि सà¥à¤®à¤¿à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤¨à¤‚दन पत ने लेखक को इडियन पà¥à¤°à¥‡à¤¸ से अनà¥à¤µà¤¾à¤¦ का काम दिला दिया था I
ससà¥à¤°à¤¾à¤² पकà¥à¤· – जिन दिनों विधà¥à¤° लेखक आजीविका कमाने के लिठसघरà¥à¤· कतर रहा है तब ससà¥à¤°à¤¾à¤² वालो ने उसे अपनी दà¥à¤•ान पर कमà¥à¤ªà¤¾à¤‰à¤¡à¤°à¥€
का पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ दिया था I