A:
(1) उपयà¥à¤•à¥à¤¤ पकà¥à¤¤à¤¿ शà¥à¤°à¥€à¤•ृषà¥à¤£ अपने बालसखा सà¥à¤¦à¤¾à¤®à¤¾ से कह रहे थे I
(2) अपनी पतà¥à¤¨à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दिठगठचावल सकोचवश सà¥à¤¦à¤¾à¤®à¤¾ शà¥à¤°à¥€à¤•ृषà¥à¤£ को à¤à¥‡à¤Ÿ सà¥à¤µà¤°à¥‚प नही दे पा रहे थे परनà¥à¤¤à¥ शà¥à¤°à¥€à¤•ृषà¥à¤£ सà¥à¤¦à¤¾à¤®à¤¾ पर दोषारोपण करते हà¥à¤ इसे चोरे कहते थे à¤"र कहते थे कि चोरी में तो तà¥à¤® पहले से ही निपà¥à¤£ थे I
(3) बचपन में जब कृषà¥à¤£ à¤"र सà¥à¤¦à¤¾à¤®à¤¾ साथ साथ सदीपन ऋषि के आशà¥à¤°à¤® में अपनी अपनी शिकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ कर रहे है तà¤à¥€ à¤à¤•बार जब शà¥à¤°à¥€à¤•ृषà¥à¤£ à¤"र सà¥à¤¦à¤¾à¤®à¤¾ जंगल में लकडिया à¤à¤•तà¥à¤° करने आ रहे है तब गà¥à¤°à¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ रासà¥à¤¤à¥‡ में खाने के लिठचने दिठहै I