A:
(1) सावन बादल à¤"र किसान दोनों के लिठबहà¥à¤¤ ही अचà¥à¤›à¤¾ मोसम है किसान के हरे à¤à¤°à¥‡ खेत लहलहाते है à¤"र बादलो से मोसम à¤"र à¤à¥€ सà¥à¤¹à¤¾à¤¨à¤¾ हो जाता है I
(2) बादलो के गरज कर बरसने से चारो तरफ हरियाली छा जाती है धरती की पà¥à¤¯à¤¾à¤œ बà¥à¤ जाती है किसान के खेती à¤à¥€ लहलहाने लगते है à¤"र वह à¤à¥€ ख़à¥à¤¶à¥€ से à¤à¥‚मने लगाता है इसलिठकवि ने बादलो के पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥‹à¤‚ में नया राग à¤à¤°à¤¨à¥‡ की सजà¥à¤žà¤¾ दी है I
(3) मधà¥à¤° शीतल पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ पहादो से चलने वाली हवा जो किसान का मन मोह लेती है वह उसके लिठख़à¥à¤¶à¥€ à¤"र उनà¥à¤¨à¤¤à¤¿ का संदेशा लाई होगी I
(4) पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ सà¤à¥€ के लिठआननà¥à¤¦à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होती है मगर किसान के लिठकà¥à¤› जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ही कà¥à¤¯à¥‹à¤•ि उसके खेत लहलहाने लगते है I